शिक्षिका की कार्यशैली पर उठे सवाल, बच्चों को विद्यालय से निकालने की शिकायत* लखनऊ। मलिहाबाद विकासखंड के कैथुलिया गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की एक शिक्षिका पर रसोइयों का समर्थन करने वाले अभिभावकों के बच्चों को विद्यालय से बाहर करने और शिकायत करने पर धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवारों ने तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट ज्ञानेंद्र कुमार मलिहाबाद
शिक्षिका की कार्यशैली पर उठे सवाल, बच्चों को विद्यालय से निकालने की शिकायत* लखनऊ। मलिहाबाद विकासखंड के कैथुलिया गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की एक शिक्षिका पर रसोइयों का समर्थन करने वाले अभिभावकों के बच्चों को विद्यालय से बाहर करने और शिकायत करने पर धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवारों ने तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।

*शिक्षिका की कार्यशैली पर उठे सवाल, बच्चों को विद्यालय से निकालने की शिकायत*
लखनऊ। मलिहाबाद विकासखंड के कैथुलिया गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की एक शिक्षिका पर रसोइयों का समर्थन करने वाले अभिभावकों के बच्चों को विद्यालय से बाहर करने और शिकायत करने पर धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवारों ने तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।

ग्राम कैथुलिया निवासी बबली पत्नी रामलखन ने शिकायती प्रार्थना पत्र में बताया कि कुछ दिन पहले विद्यालय में कार्यरत रसोइयों और शिक्षिका विजय कुमारी के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान शिक्षिका ने रसोइयों के साथ मारपीट की, जिसके बाद रसोइयों ने रहीमाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की। बबली के अनुसार, उनके पति रामलखन ने रसोइयों का पक्ष लिया था, जिससे शिक्षिका उनसे रंजिश रखने लगीं।
आरोप है कि इसी रंजिश के चलते शिक्षिका ने बबली के पुत्र मनीष (कक्षा-1) एवं पुत्री दीपांशी (कक्षा-5) के साथ-साथ पुष्पा देवी पत्नी ज्ञानप्रकाश की पुत्री प्रत्यूषा (कक्षा-4) और संध्या (कक्षा-3) को विद्यालय आने से रोक दिया। इतना ही नहीं, बच्चों को दोबारा स्कूल भेजने पर अभिभावकों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई।
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि जब उन्होंने मामले की शिकायत करने की बात कही तो शिक्षिका ने कथित रूप से अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। इससे परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पहले एसडीएम मलिहाबाद से भी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया।
जिलाधिकारी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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